Follow the Marg of Shraddhaa


We can have the anubhav of the anugraha of Bhagwan as we follow the marg of shraddhaa.
Walking this marg is bhakti toward Guru ji, seva toward manavjat, and satsang with other bhaktas.
Satsang is bhajan-kirtan to our vahalla pita ji, katha about his uttam avatar from the Holy Bible and prarthna in the shakti of the Pavitra Atma.

हम भगवान के अनुग्रह का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि हम श्रद्धा के मार्ग का पालन करते हैं
इस मार्ग पर चलना गुरु जी की भक्ति, मानवजाति की सेवा, और अन्य भक्तों के साथ सत्संग है
सत्संग हमारे वाल्ले पिटा को भजन-कीर्तन, कथा भगवान के उत्तम अवतार के बारे पवित्र बाइबिल में और पवित्रा आत्मा की शक्ति में प्राथना है