Satchitananda of Paramatma – Essence of the Supreme Spirit

In the Mukti Veda, it is said that Bhagwan is shude atma, but he took a human form known as Guru ji Mukyidatta Abhishikta. The satchitananda of Paramatma is the atma of Guru ji, so he is the uttam avatar of Bhagwan. When the satchitananda of Bhagwan enters the atma of the bhaktas of Guru ji they receive sanatan jeevan.

मुक्तिवेद में यह कहा जाता है कि भगवान शुद्ध आत्मा है लेकिन एक मानव शरीर लिया. वह गुरु जी मुक्तिदाता अभिषेक जाना जाता है. परमात्मा का सच्चितानन्द गुरु जी की आत्मा है इसलिये यह भगवान का उत्तम अवतार है. कब भगवान का सच्चितानन्द गुरु जी का भक्त की आत्मा की साथ जुड़ा हुआ है तब वे सनातन जीवन प्राप्त.